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फिल्म "मोहल्ला अस्सी" करती है राम जन्मभूमि की सिफारिश।

सनी दयोल की लीड भूमिका वाली मोहल्ला-अस्सी कई वर्षों से विवादों और कानूनी पचड़े में फंसी थी। सनी ने खुद इसे रीलिज कराने के लिये पहल की, तो फिल्म रीलिज हो पाई। फिल्म को वे एक कट के साथ सेंसर से ए सर्टिफिकेट के साथ ओके कराने में सफल रहे। वैसे तो इस हफ्ते तीन और फिल्में प्रेरणा विश्वकर्मा की 'पिहू', गोविंदा की 'रंगीला राजा' और विशाल मिश्र की 'होटल मिलन' भी रीलिज  हुई है। इनमें विनोद कापरी की पीहू का तो बड़ा दर्शक वर्ग भी है, किंतु उन्हें इसके लिये इंटरनेट या सीडी की शरण में जाना होगा.

मोहल्ला-अस्सी काशीनाथ सिंह के उपन्यास काशी की अस्सी पर आधारित है। पूरी फिल्म तीर्थयात्री शहर के व्यावसायीकरण पर करारा व्यंग्य करती है। फिल्म पर्यटकों को घुमाने वाले नकली गुरूओं का भी पर्दाफाश करती है।

सनी दयोल फिल्म में पहली बार धोती-कुर्ता में नजर आयेंगे। फिल्म में उन्होंने रुढ़ीवादी धार्मिक पुजारी का रोल किया है। वैसे पूरी फिल्म राम जन्मभूमि आंदेलन और मंडल आयोग की सिफारिशों के नफा-नुकसान पर भी फोकस करती है। इसी टॉपिक को ले कर पिछले पांच-छह वर्षों से कोर्ट ने फिल्म को वैन कर रखा था। हिन्दू और आरक्षण विरोधी संगठनों ने अभी भी यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में विरोध किया। जिससे फिल्म को जाने-अंजाने इस नाम का मुफ्त का बड़ा प्रचार मिल गया है।

सनी दयोल पुजारी के अलावा फिल्म में साक्षी तंवर, मुकेश तिवारी, सौरभ शुक्ला और राजेंद्र गुप्ता ने भी काम किया है। फिल्म में भोजपुरी-हिन्दी फिल्मों के सुपर स्टार रवि किशन भी सेकंड लीड में हैं। फिल्म को निर्देशित किया है धारावाहिक चाणक्य बनाने वाले चंद्र प्रकाश दिवेदी ने की है।