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फिल्म ‘होटल मिलन’ बनाकर किया Anti-Romeo Squads से बचाव।

 

प्रतीकात्मक
प्रेमी युगलों की उत्तर प्रदेश और दूसरे कई राज्यों में तब शामत आ जाती है जब वे प्रेम—मिलन के लिए कोई माकूल, मोहक और मजेदार जगह की तलाश में पार्क में जाते हैं। वे एंटी रोमिया स्क्वॉयड के निशाने पर आ जाते हैं। पुलिस की निगाह और डंडे से बचने के लिए उन्हें भी कई हथकंडे अपनाने पड़ते हैं। इसी को केंद्रित कर बनी फिल्म है होटल मिलन, जो 16 नवंबर को रिलीज की गई। इसके बारे में निर्देशक विशाल मिश्र और अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा ने मीडिया से फिल्म के बारे में मीडिया से बताया। 

उन्होंने बताया कि यह फिल्म 'राइट विंग' लोगों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में रोमियो विरोधी और नैतिकतावादी पुलिस पर आधारित है। इसकी मुख्य भूमिकाओं में कुणाल रॉय कपूर, करिश्मा शर्मा, ज़ीशन क्वाद्री, जयदीप अहलावत, राजेश शर्मा और जाकिर हुसैन  हैं। 

प्रतीकात्मक

एडी फिल्म्स के बैनर के तहत बनी ‘होटल मिलन’ की कहानी कुणाल रॉय कपूर के किरदार विपुल के चारों ओर घूमती है। फिल्म में विपुल की प्रेमिका शाहीन के तौर पर करिश्मा शर्मा, विपुल के दोस्त सौरभ के किरदार में ज़ीशन क्वाद्री, जबकि उनकी प्रेमिका के किरदार में मालवी मल्होत्रा नजर आएंगी। डायरेक्टर विशाल मिश्र के अनुसार कानपुर के दो प्रेमी युगल पर आधारित फिल्म में हंसाने और मस्ती करने से लेकर भावनाओं में भिगोने के कई सीन हैं। 

इसमें  उत्तर प्रदेश सरकार के एंटी रोमियो स्क्वॉयड की सक्रियता को भी बड़े पर्दे पर देखा जा सकता है।  लड़का और लड़की अकेले में बातचीत के लिए होटल या पार्क ढूंढते हैं, लेकिन उन्हें हर जगह परेशान किया जाता है। आखिर सब जगह से हारकर वे खुद का एक होटल बना लेते हैं। होटल का नाम रखा जता है ‘होटल मिलन’। इस होटल में प्रेमी जोड़े अकेले में बातचीत करने आया करते हैं। उनसे घंटे के हिसाब से फीस लिए जाते हैं।  एक दिन होटल पर रेड पड़ती है, जिसके बाद इस मामले में राजनीति शुरू होने लगती है। यही फिल्म का क्लाइमेक्स है।