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कांग्रेस के घोषणापत्र से यूपी की जनता नाखुश, जल्द आएगा दूसरा घोषणापत्र

पूरे देश में चुनावी शोर के चलते राजनैतिक दल लोकसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। इन घोषणापत्रों के जरिए वोटरों को रिझाने की पूरी कोशिश की जा रही है। बीते सोमवार, 8 अप्रैल को बीजेपी ने भी अपना घोषणा पत्र जारी किया। जिसमें बीजेपी ने जनता से कई वादे किये। इससे पहले कांग्रेस ने भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया था। लेकिन कांग्रेस का ये घोषणापत्र उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की जनता को रिझाने के लिए शायद नाकाफी है, इसीलिए यूपी में रूठों को मनाने के लिए कांग्रेस एक और लुभावना घोषणापत्र जारी करेगी।

प्रतीकात्मक

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के इस घोषणापत्र में शिक्षामित्रों, अस्थायी कर्मियों और किसानों की समस्याओं को लेकर वादे हो सकते हैं। घोषणापत्र को अंतिम रूप दिया जा चुका है। कांग्रेस इसे एक-दो दिन में जारी कर सकती है।

इससे पहले कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने शिक्षामित्रों, आंगनबाड़ी, रोजगार सेवकों, पुलिस भर्ती, शिक्षकों की भर्ती, आशा वर्कर्स, रसोइयों, जनसेवा केंद्र कर्मियों, मदरसा शिक्षकों और शिक्षा प्रेरकों के संगठनों के लोगों से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात करवाई थी। इन सभी लोगों ने अपनी-अपनी परेशानी प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने रखी। इसके बाद प्रियंका गांधी ने सभी को ठोस आश्वासन भी दिया। लल्लू ने मीडिया को बताया कि, प्रियंका जी ने सभी को भरोसा दिलाया है कि इन लोगों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी। इसी के साथ कांग्रेस सभी की परेशानियों को अपने इस आने वाले घोषणापत्र में शामिल कर सकती है।

इसके बाद प्रदेश कांग्रेस घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष राशिद अल्वी का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा, हम जल्द ही लिखित रूप में कुछ पोइंट्स लेकर रहे हैं, जिनमें उन लोगों के मुद्दे शामिल होंगे, जो उत्तर प्रदेश के लिए ख़ास महत्व रखते हैं।