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30 बार चुनाव हार चुके श्यामबाबू, एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरे

दुनिया में लोगों के तरह -तरह  के अजीबोगरीब शोक होते है। ऐसे ही ओडिशा के बेरहमपुर के रहने वाले 84 साल के श्यामबाबू को चुनाव लड़ने का बड़ा शोक है। श्याबाबू एक ऐसे शख्स हैं जो 30 बार विभिन्न चुनावों में मैदान में उतर चुके हैं और हर बार उन्हें हार मिली है। लेकिन उनका चुनाव लड़ने का जूनून खत्म नहीं हुआ। श्यामबाबू एक बार फिर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें अपनी पहली जीत मिल जाएगी। 

प्रतीकात्मक

 

श्यामबाबू बताते है कि , उन्होंने पहली बार 1962 में चुनाव लड़ा और तब से अब तक कई चुनाव लड़ चुके है जिसमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव दोनों शामिल है।  वे बताते है कि उन्हें कई राजनीतिक पार्टियों से प्रस्ताव मिले लेकिन उन्होंने हमेशा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ही चुनाव लड़ा।' इस साल वह  अस्का और बेरहमपुर सीट से चुनाव लड़ने जा रहे है।

प्रतीकात्मक

 

सुबुद्धि पेशे से होम्योपैथी डॉक्टर हैं और वह अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा चुनाव में खर्च कर देते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो गई है। पिछले साल उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार के सदस्यों ने मुझे कभी भी चुनाव लड़ने से मना नहीं किया। मेरी पत्नी ने हमेशा मुझे चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया है। मैं जब तक स्वस्थ हूं तब तक चुनाव लड़ता रहूंगा।'