+

लोकसभा चुनाव 2019- कहीं कांग्रेस का ही रवैया बीजेपी को न जीता दे

लोकसभा चुनावी तारीखों के नजदीक आते ही महागठबंधन में फूट पड़ती दिख रही है। कभी बीजेपी के लिए खतरा बन चुका महागठबंधन आज बीजेपी के लिए फायदा साबित हो रहा है। आये दिन नए चुनावी सर्वे सामने आ रहे हैं, जिनमें बीजेपी सबसे ज्यादा सीट जीतते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिख रही है। इन आंकड़ों के बीजेपी के पक्ष में जाने का सबसे बड़ा कारण है कांग्रेस का अपनी सहयोगी पार्टियों के खिलाफ रवैया। 

प्रतीकात्मक

कांग्रेस की वजह से महागठबंधन है कमजोर 

दरअसल, मौजूदा वक्त में कांग्रेस के सभी सहयोगी दल कांग्रेस पर सहयोग न करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस का रवैया इतना बुरा है कि लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की एकता कमज़ोर पड़ रही है। एक तरफ जहां सभी पार्टियां मिलकर बीजेपी को हराना चाहती हैं, वहीँ इस काम को रोकने में उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस ही बनी हुई है। 

प्रतीकात्मक

बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव ने मंगलवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मतदाताओं के बीच 'भ्रम की स्थिति' फैलाने की कोशिश में है। इससे पहले मायावती और अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साफ़ कर चुके हैं कि उनका उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं है। मायावती ने तो देश के किसी हिस्से में भी कांग्रेस से गठबंधन करने से मना कर दिया है। 

बिहार में भी मुश्किल में कांग्रेस 

प्रतीकात्मक

वहीँ राजद नेता तेजस्वी यादव की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से रविवार की बात-मुलाकात का भी नतीजा नहीं निकल सका। जिसके बाद कांग्रेस के लिए बिहार में भी गठबंधन के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं।