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शहीदों के परिजनों के लिए पूर्व मेजर डीपी सिंह का छलका दर्द

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद पूरा देश स्तब्ध है। पूरा देश बदला लेने की मांग के साथ जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में शहीदों के परिवारों के लिए कारगिल के हीरो और पूर्व मेजर डीपी सिंह ने भी दुःख जताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा -

प्रतीकात्मक

 

हम शहीदों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। हमें इस क्रूरता के लिए बदला ज़रूर लेना चाहिए। लेकिन कुछ दिन बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा। राजनैतिक पार्टियों, मीडिया और आम लोगों के बीच भी सब कुछ सामान्य हो जाएगा। 

साथ ही उन्होंने लिख, जिसने अपनी ज़िंदगी गंवा दी उनके परिवारों का दुःख कोई नहीं समझ सकता। एक सैनिक हंसते हुए तिरंगा, वतन और उसकी इज़्ज़त के लिए सब कुछ न्योछावर कर देता है। लेकिन कुछ सवाल ऐसे हैं जिनकी तादाद वक़्त के साथ बढ़ती ही जा रही है। क्या हम कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे पूरे सिस्टम में कुछ सुधार हो सके?

प्रतीकात्मक

 

कोई कल्पना नहीं कर सकता है कि ज़िंदगी ख़त्म होने का क्या मतलब होता है। इसके बाद आप अदलातों में इंसाफ़ और मुआवजे के लिए चक्कर लगाते रहिए। हम चाहते हैं कि सैनिक मर जाएं लेकिन उसकी विधवा को बकाये और पेंशन के लिए के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। कुछ लोगों को तो प्रमाण देना पड़ता है कि उनका पति शहीद हुआ था। उन्हें कहा जाता है कि शव नहीं मिला है और आप शव लाएं। 

आपको बता दें मेजर डीपी सिंह 1999 में हुए कारगिल युद्ध का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने कारगिल की लड़ाई में अपना एक पैर गंवा दिया था।