+

ममता बनर्जी ने बापू से की देश बचाने की प्रार्थना

महज कुछ दिनों बाद लोकसभा चुनावों की तारीख का एलान होने वाला है। ऐसे में सभी चुनावी दलों की जनता को रिझाने की कोशिशें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी पार्टियां हाथ मिला चुकी हैं। सभी विपक्षी पार्टियां इस गठबंधन के चलते केंद्र सरकार के खिलाफ पहले भी जमा हो चुके हैं। अब विपक्षी नेताओं द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ एक और महारैली का आयोजन चल रहा है। महारैली का कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में सभी विपक्षी पार्टी मोदी सरकार को घेर रहे हैं। 

प्रतीकात्मक

 

इस महारैली में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और एनसीपी के प्रमुख शरद पवार और कई बड़े नेता भी मौजूद हैं। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी, डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल और अन्य पार्टियों के नेता भी इस महारैली को संबोधित करेंगे।

महारैली के दौरान सोनियां गांधी ने कहा – ‘डराना, धमकाना और झांसा देना मोदी की नीति है।‘ इसके अलावा विपक्षियों ने परिसर में खूब हंगामा किया और चौकीदार चोर है के नारों के साथ राफेल मुद्दे पर अपना विरोध प्रदर्शन जताया।

प्रतीकात्मक

 

वहीँ महारैली से पहले ममता बैनर्जी ससंद पहुंची। वहां उन्होंने संसद परिसर में चल रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यहां पहुंचते ही उन्होंने राफेल डील घोटाले का जिक्र किया। साथ ही ममता बैनर्जी संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रार्थना करती हुई भी दिखीं। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा - लोकतंत्र को बचाइए, बीजेपी हटाइए, देश की एकता की रक्षा कीजिए, देश की समृद्धि की रक्षा कीजिए, देश के किसान, मजदूर और नौजवान को बचाइए, देश बचाइए।

इससे पहले 19 जनवरी को ममता ने पश्चिम बंगाल में महारैली की थी जिसमें 15 दलों के नेता शामिल हुए थे। इस दौरान ममता ने कहा- अखिलेश यादव, आप उत्तरप्रदेश से भाजपा को जीरो कर दो, हम बंगाल से कर देंगे। कौन प्रधानमंत्री बनेगा इससे मतलब नहीं, बस भाजपा को जाना चाहिए।