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4 साल की मासूम से दुष्कर्म करने वाले को 12वे ही दिन मिली उम्रकैद की सजा

आज समय का ऐसा दौर आ गया है कि जहां एक तरफ देश के आगे बढ़ने की बातें हो रही हैं, वहीँ देश के अंदर दिनों दिन अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। इन अपराधों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है कि अपराध करने वाले को या तो सजा नहीं मिलती, या फिर बहुत सालों बाद सजा मिलती है। लेकिन इन सब के बीच राजस्थान के सीकर जिले में एक 4 साल की मासूम से रेप करने वाले को अदालत ने वारदात के 12वें दिन ही उम्रकैद की सजा सुना दी है। 

प्रतीकात्मक

 

चॉकलेट का लालच देकर किया था दुष्कर्म

यह घटना सीकर जिले के खाटूश्यामजी की है। दरअसल 30 जनवरी की रात को दोषी युवक करण उर्फ कालिया मासूम बच्ची को चॉकलेट के लालच में श्मशान ले गया। जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद लोगों ने करण को पहले पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद करण के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। घटना के पांच दिन में पुलिस ने चार्जशीट पेश की। इसके पांच दिन बाद ही कोर्ट ने फैसला सुना दिया। सरकारी वकील शिवरतन शर्मा ने बताया कि जज अनिल कौशिक ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

अस्पताल में चल रहा है बच्ची का इलाज

उन्होंने बताया कि करण के खिलाफ बच्ची के पिता ने रिपोर्ट लिखवाई थी। रिपोर्ट में पिता ने बताया था कि बच्ची लापता थी। जब तलाश की गई तो वह श्मशान में करण के पास मिली। यह देखते ही लोगों ने उसी पिटाई शुरू कर दी और बाद में उसे पुलिस के हवाले किया। फिर बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अभी बच्ची का इलाज चल रहा है। 

प्रतीकात्मक

 

मां दुर्गा का रूप होती है बच्ची - जज अनिल कौशिक

वहीँ जज अनिल कौशिक ने बच्ची को देवी मां का रूप बताते हुए कहा, 'नवरात्रों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा के बाद 9 कन्याओं को देवी रूप मानकर पूजा करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। समाज में बढ़ते अपराध के पीछे शराब काफी हद तक जिम्मेदार है।'