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अब आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को भी मिलेगा आरक्षण - केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने सर्वर्णों के हक़ में बड़ा फैसला लिया है। इसमें केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सर्वर्णों को आरक्षण देने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला केबिनेट बैठक में लिया है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार जिन लोगों की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है, उन लोगों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार संसद के चालू सत्र में बिल पेश करेगी। यह माना जा रहा है कि सरकार इस बिल को संसद के शीतकालीन सत्र के आखरी दिन यानि कल पेश कर सकती है। आपको पता होगा ही की लोक सभा चुनाव होने में कुछ समय ही बचा है।

प्रतीकात्मक

इस फैसले से पहले दलित नेता और मंत्री रामदास अठावले ने गरीब पिछडो को आरक्षण देने की बात कही थी। मंत्री रामदास अठावले ने कहा था कि गरीब सवर्णों को 25 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए। सवर्णों के हक़ में लिए गए इस फैसले के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि यह 10 प्रतिशत आरक्षण संविधान के हिसाब से दिए गए 50 प्रतिशत से ऊपर होगा। इसके लिए सरकार संविधान में संशोधन कर आरक्षण को 60 प्रतिशत बढ़ाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार आने वाले लोक सभा चुनावों के मद्देनजर सवर्णों के वोट बैंक को साधने के लिए ऐसा कर रही है। 2 अप्रैल 2018 को हुए देश भर में दलित आंदोलन के बाद सवर्ण लोग सरकार से नाराज थे। मध्य प्रदेश के चुनावों में भी बीजेपी को सवर्णों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। कहा जा रहा है कि इन्ही सभी बातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकी सवर्णों के वोट बैंक को बांधा जा सके।