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तीन तलाक को लेकर विपक्ष हुआ एकजुट, जानें क्या हैं मागें

प्रतीकात्मक

लोकसभा में तीन तलाक बिल को पास होने के बाद आज सोमवार को राजसभा में तीन तलाक बिल पेश किया जायेगा। लेकिन उससे पहले विपक्ष ने सभापति को चिट्ठी लिखकर कहा है कि राज्यसभा में पेश होने से पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजा जाए। इस पत्र लगभग सभी विरोधी दलों के नेताओं के साइन बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी ने भी मीटिंग की है। 

दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता गुलाम नवी ने भी मीटिंग की जिसमें  गुलाम नबी आजाद के साथ साथ आनंद शर्मा, आप नेता संजय सिंह, रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के डी राजा, आरजेडी के मनोज कुमार झा ने शामिल हुए। 

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BJP के विजय गोयल ने राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक पारित करने के लिए सभी दलों से संपर्क साधा है। इसके अलावा सोमवार को बीजेपी ने भी बैठक की है। जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह आदि शामिल हुए। 

विपक्षी दलों की मांग है कि इस बिल को सदन में पेश किए जाने से पहले सेलेक्ट कमिटी को भेजा जाना चाहिए। बता दें कि उच्च सदन में मोदी सरकार बहुमत में नहीं है, ऐसे में उसकी परेशानी बढ़ना तय है। उम्मीद की जा रही है कि समोवार को इसपर सदन में इस पर तीखा घमासान देखने को मिल सकता है। 

राज्यसभा में फिलहाल कुल सदस्यों की संख्या 244 है, जिसमें 4 सदस्य मनोनीत हैं। राज्यसभा में बीजेपी बिना विपक्ष के सहयोग के बिल पास नहीं करवा पाएगी। बता दें कि राज्यसभा में एनडीए के 97 सदस्य हैं, जिसमें बीजेपी के 73, जेडीयू के 6, 5 निर्दलीय, शिवसेना के 3, अकाली दल के 3, 3 नामित सदस्य, बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 1, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 1, नागा पीपल्स फ्रंट के 1, आरपीआई के 1 सांसद शामिल हैं। 

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वहीं विपक्ष के पास 115 सांसद हैं। इसमें कांग्रेस के 50, टीएमसी के 13, समाजवादी पार्टी के 13, टीडीपी के 6, आरजेडी के 5, सीपीएम के 5, डीएमके के 4, बीएसपी के 4, एनसीपी के 4, आम आदमी पार्टी के 3, सीपीआई के 2, जेडीएस, केरल कांग्रेस (मनी), आईयूएमएल का एक-एक सदस्य है। इसके अलावा एक निर्दलीय और एक नामित सदस्य भी विपक्ष के साथ हैं।