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वे 5 कारण, जिनकी वजह से बीजेपी को करना पड़ा हार का सामना

देखा जाए तो 2014 में बीजेपी ने जो जीत हासिल की थी। उसमें छत्तीसगढ़, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश का अहम रोल था। इन राज्यों की जनता से बीजेपी को बड़ा समर्थन मिला था लेकिन इस बार जैसे ही विधान सभा चुनाव के रिजल्ट आये। सभी हैरान रह गए। असल में किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि इस बार बीजेपी को अपने ही राज्यों में इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में लोग बीजेपी की इस हार पर तरह तरह के कयास लगा रहें हैं। आज आपको इसी बारे में यहां बता रहे हैं ताकी आप जान सकें की बीजेपी की इस हार के पीछे आखिर क्या कारण थे। आइये अब आपको विस्तार से बताते हैं इस बारे में। 

किसानों ने बनाई दूरियां

प्रतीकात्मक

पिछले माह ही किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुचें थे। लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी और ध्यान नहीं दिया। इसके बाद से ही किसानों की और से दूरियां बढ़ने के संकेत साफ़ नजर आने लगे थे। असल में मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग खेती पर ही निर्भर रहते हैं। इन राज्यों में शहरी इलाकों से ज्यादा ग्रामीण इलाके हैं। मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों के ऊपर गोली चलने से वे बीजेपी की और से दूर होने लगे थे। 

केंद्र की राज्य सरकार पर कमजोर पकड़

प्रतीकात्मक

माना जाता है कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान में जो बीजेपी के मुख्यमंत्री रहें हैं। उनसे कहानी शुरू होकर उन पर ही ख़त्म हो जाती है यानि उनके अलावा बीजेपी के पास अन्य कोई चेहरा वहां नहीं है। इस कारण केंद्र सरकार की पकड़ इन राज्यों पर कमजोर है। तालमेल की कमी होने पर जनता तक अपनी बात पहुंचाने में बीजेपी कामयाव नहीं रही। 

बेरोजगारी बनी कारण

प्रतीकात्मक

छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश 2 ऐसे राज्य रहें हैं। जहां पिछले 15 वर्ष से बीजेपी सरकार रही है। इतना होने के बाद भी यहां के युवाओं की बेरोजगारी की समस्या ख़त्म नहीं हुई। इस बार केंद्र में बीजेपी के आने से यहां के लोगों को बड़ी उम्मीद थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई। इस कारण इन राज्योंके युवाओं ने भी बीजेपी से दूरियां बनानी शुरू कर दी थीं। 

बदलाव चाहती है जनता

प्रतीकात्मक

छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश में पिछले 15 वर्ष से बीजेपी की सरकार रही है। अब यहां के लोग बदलाव चाहते हैं। बीजेपी से नाराज न होने के बाद भी लोग इन क्षेत्रों में अब बदलाव चाहते हैं। जहां तक बात राजस्थान में बसुंधरा राजे की है तो वहां की जनता में उनके खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी का जोर पहले से था। 

 GST तथा नोटबंदी क असर

प्रतीकात्मक

व्यापारी वर्ग का समर्थन हमेशा से बीजेपी के साथ रहा है लेकिन इस बार GST तथा नोटबंदी का असर इस वर्ग पर बहुत भारी पड़ा। इस कारण इस वर्ग के लोगों को बीजेपी ने निराश कर डाला। किसानों की जमा पूंजी पर भी नोटबंदी ने ग्रहण लगा दिया था। इस बार के विधान सभा चुनावों में विपक्ष ने नोटबंदी तथा GST को खूब भुनाया था।