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पासवान और सुषमा नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

गिनेज बुक में सबसे अधिक मतों से चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाने वाले रामविलास पासवान अगले आम चुनाव में चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे राज्य सभा के जरिए संसद में आना चाहते हैं। इस बारे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत हो गई है।

पासवान केंद्र में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण के मंत्री हैं और लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। वे हाजीपुर से चुनाव जीतते आए हैं। हालांकि वहीं से उन्हें हार का मुंह भी देखना पड़ा है।

उनकी नजर असम से खाली होने वाली राज्यसभा की दो सीटों पर है। ये सीटें जून 2019 में खाली हो रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह और एस कुजूर 15 जून को रिटायर हो रहे हैं। इसका चुनाव अप्रैल या मई में होगा। इसके बाद जुलाई में तमिलनाडु के सीटें खाली हो रही हैं जहां से राजग एक भी सीट नहीं निकाल सकती है।

पासवान की तरह ही भाजपा की वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2019 लोकसभा चुनाव न लड़ने का एलान कर दिया है। इसका कारण उन्होंने अपना निजी  स्वास्थ्य बताया है। वे भी राज्यसभा के रास्ते संसद में जा सकती हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदिशा से सांसद हैं। लंबे समय से उनकी सेहत ठीक नहीं चल रही। बीच में कई बार वो अस्पताल में भर्ती रहीं। 

जहां तक पासवान की बात है तो उनके सामने दिक्कत यह है कि हाजीपुर की सीट पर उनकी जगह पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा? क्योंकि हाजिपुर और पासवान दोनों एक दूसरे के पर्याय बन चुक हैं। यह कहा जा रहा था कि उनके पुत्र चिराग पासवान उनकी जगह पर हाजीपुर से लड़ेंगे, जो जमुई से लोजपा के ही सांसद हैं। अभी यह सिर्फ अटकलें ही हैं और इस बारे में वे मीडिया को बता चुके हैं अगला चुनाव वे जमुई से ही लड़ेंगे। वैसे  यदि पासवान राज्यसभा जाते हैं तो हाजीपुर के भावी उम्मीदवार को लेकर दिसंबर तक अटकलें लगाई जाती रहेंगी। पासवान दिसंबर के बाद ही इस मामले में अपना उम्मीदवार सामने लाएंगे।