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क्या ऐसे में जीत पायेगी बीजेपी मध्य प्रदेश की जंग?

क्या ऐसे में जीत पायेगी बीजेपी मध्य प्रदेश की जंग?

शुक्रवार को बीजेपी ने मध्य प्रदेश में होने वाले 2018 विधान सभा चुनाव के लिए अपने 177 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कुछ दिग्गज नेताओं के टिकट कटे तो उन नेताओं के समर्थक निराश हो रहे हैं। समर्थकों की यह निराशा उनके विरोध प्रदर्शन में दिख रही है। विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री के आवास तक पहुंच चुका है। कुछ नेताओं के टिकट कटे तो कुछ नेताओं को अपनी सीट से टिकट कटने का भय लग रहा है। इसी भय के कारण कुसुम मेहदेले, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके आवास पर पहुंची और वहां उन्होंने बंटवारे पर अपनी नाराजगी जताई। कुसुम, शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं।

     उधर मध्य प्रदेश की गोविंदपुरा विधान सभा सीट से बाबूलाल गौर का टिकट अभी होल्ड पर रखा गया है। जिसके बाद गौर के समर्थक भी पार्टी के टिकट बंटवारे के फैसले का खूब विरोध कर रहे हैं। गोविंदपुरा सीट पर बीजेपी की पक्की दावेदारी मानी जाती है। आपको बता दें कि बाबूलाल गौर बीजेपी के एक दिग्गज नेता हैं और गोविंदपुरा सीट पर 1977 से 7 बार जीत चुके हैं।

 इसी तरह बीजेपी के अन्य भी कई बड़े नेता पार्टी से नाराज़ हैं। ऐसे में पार्टी बाकी के टिकट की सूची जारी करने को लेकर सतर्क हो गई है।

  भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान आया कि "पार्टी में कोई लड़ाई नहीं है, पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। कुछ जगह कार्यकर्ता जरूर नाराज़ हैं लेकिन जल्द ही नाराज़ कार्यकर्ताओं को पार्टी मना लेगी।" वहीँ विजयवर्गीय ने बताया कि पार्टी कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट रविवार को जारी करेगी।