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प्रयागराज महाकुंभ में विदेशी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लगाई डुबकी

कल 4 फरवरी को मौनी अमावस्या का पावन दिन था। इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष प्रतिफल माना जाता है। मौनी अमावस्या के पावन दिन लाखों लोगों ने कुंभ में गंगा स्नान किया। गंगा स्नान करने के लिए जितनी बड़ी संख्या में लोग कल पहुचें थे। उतने अभी तक कुंभ में कभी नहीं पहुचें। सभी ने बारी बारी से गंगा स्नान किया तथा पुण्य लाभ कमाया। मौनी अमावस्या के दिन लाखों देश के ही नहीं बल्कि विदेश के लोग भी गंगा स्नान करने कुंभ में पहुचें थे। इसको सनातन धर्म की ख़ूबसूरती की कहा जा सकता है की हजारों मील दूर से आये विदेशी लोग भी कुंभ में स्नान करने बड़ी श्रद्धा से आये हुए थे।

प्रतीकात्मक

 

सुबह से विदेशी लोग गंगा स्नान करने के लिए लाइन लगाए हुए थे। सभी लोग श्रद्धा के साथ जय श्रीराम तथा हर हर महादेव के नारे लगा रहे थे। सभी विदेशी लोग बहुत श्रद्धा से गंगा स्नान कर रहे थे। पहले ये लोग गंगा को प्रणाम करते थे और उसके बाद में गंगा में डुबकी लगाते थे। हालही में जगद्गुरु साई मां के सानिध्य में 10 विदेशी लोगों को महामंडलेश्वर बनाने का फैसला किया है। इन सभी लोगों को 8 फरवरी के दिन महामंडलेश्नर की उपाधि निर्मोही अखाड़े के सानिध्य में दी जायेगी। अमेरीका, जापान तथा इजराइल सहित करीब 20 देशों के लोग भारत के प्रयागराज की पावन धरती पर आये हुए हैं।

प्रतीकात्मक

 

विदेशी लोगों की यह भीड़ अब आपको अगले शाही स्नान यानि वसंत पंचमी के दिन देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर देश के लोगों के साथ विदेशी लोगों में भी कुंभ सनातन की दिव्य ज्योति का प्रकाश फैला रहा है। मौनी अमावस्या के दिन बड़ी संख्या में विदेशी महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया।