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विदेशी साध्वियां बढ़ चढ़कर लगा रही हैं महाकुंभ में डुबकी

पौष पूर्णिमा के पवित्र दिन देश ही नहीं दूसरे देशों से आये हज़ारों  साध्वियों और भक्तों ने इस महाकुम्भ के संगम में डुबकी लगाई। विदेशों  से आईं साईं की शिष्याएं जब संगम तट पर पहुंचीं, तब वहां की रौनक ही  बदल गईं। श्वेत वस्त्रों में सभी महिला साध्वियों और साधकों ने संगम स्नान के बाद पूजा-आरती की । उन्होंने बताया कि ऐसा  कुंभ मेला पहले कभी नहीं देखा। 

प्रतीकात्मक

 

दिन में  सुबह करीब 10:30 बजे के करीब अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, इटली, फ्रांस समेत कई देशों की विदेशी साध्वियां ने संगम तट पर स्नान किया। इस  दौरान साईं मां उनके साथ नहीं थीं। साध्वियों ने आम श्रद्धालुओं के साथ संगम में डुबकी लगाई।

प्रतीकात्मक

 

इसके बाद वे सभी  सेक्टर-12 स्थित साईं मां के शिविर में पहुंचीं। जहां उन्होंने मानवता, विश्व बंधुत्व पर सत्संग के बाद योग, ध्यान और प्रणायाम भी किया। यहां साईं मां ने साध्वियों और भक्तों को उपदेश देते हुए  कहा कि कुंभ यूनेस्को की सूची में मानवता की विश्व धरोहर के रूप में दर्ज है। इस महाकुंभ के पर्व  से विश्व को मानवता की सेवा और कर्तव्य परायणता की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने ये भी बताया कि कुंभ के हजारों शिविरों में जिस तरह विश्व कल्याण के लिए एक साथ यज्ञ, भजन-कीर्तन और अनुष्ठान हो रहे हैं, वैसा संयोग दुनिया में और कहीं भी देखने को नहीं मिलता।