+

दुनिया की छटी सबसे बड़ी अथव्यवस्था बना भारत

भारत ने पीएम मोदी के नेतृत्व में आर्थिक स्थिरता का सबसे अच्छा समय देखा है। यही कारण है की देश की जो अर्थव्यवस्था 2013-14 में 11 वें स्थान पर थी। वह अब दुनियां की सबसे बड़ी छटी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। इसी सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को लागू किया गया, जो आजादी के बाद में अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार है। शुक्रवार को कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि "भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुकी है। वर्तमान में जीडीपी विकास दर 7.3 फीसदी वार्षिक है, जो की 1991 में किये गए सुधारों के बाद में सबसे ऊंची विकास दर है। 

प्रतीकात्मक

 

मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे में हुई कमी - 

पीयूष गोयल ने बताया की वर्ष 2011-12 के 5.8 फीसदी और 2012-13 के 4.9 फीसदी की तुलना में राजकोषीय घाटे को 2018-19 के शोधित अनुमानों के अनुसार 3.4 फीसदी पर लाया गया है। मुद्रास्फीति की औसत दर 2000 -2014 में 10.1 फीसदी थी जो 4.6 फीसदी रह गई है। पीयूष गोयल ने यह भी बताया की  देश को 239 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। दूसरी और बैंकों ने भी तीन लाख करोड़ रुपये का ऋण वसूल किया है। सार्वजानिक क्षेत्र के बैंको के वित्तीय हालात मजबूत करने के लिए सरकार ने 2.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी किया है। रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी सरकार ने पारदर्शिता के बड़े कदम उठाये हैं। जीएसटी भी अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में आजादी के बाद सबसे बड़ा सुधार है। इसमें केंद्र तथा राज्यों के करीब 17 विभिन्न करों को मिलाया गया है। जीएसटी की दरों में कमी की बजह से ग्राहकों को प्रतिवर्ष करीब 80 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलती है। वर्तमान में औसत मासिक कर संग्रह 97100 करोड़ है जबकी पहले यह आंकडा 89700 करोड़ था।