+

दूध और छाछ के अधिक प्रयोग से, गुजरातियों के दांत है सबसे मजबूत

प्रतीकात्मक

गुजरात फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी ने हाल ही में किये गए एक अध्ययन में बताया है , जिन राज्यों में  दूध की खपत ज्यादा होती है, वहां  रहने वाले लोगों की डाइट का उनके दांतों पर क्या असर होता है। गुजरात देश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले राज्यों में शामिल है। इसका असर यहां लोगों के दांतों पर भी देखा गया है।जो  केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में रहने वाले लोगों के मुकाबले ज्यादा है।

गुजरात में लोग दूध, दही,  छाछ, श्रीखंड और खीर जायदा पसंद करते हैं, इस वजह से उनके दांतों में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा पाई गई।

यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेश बाबू के अनुसार, गुजरातियों के दांतों में कैल्शियम की मात्रा 82% और केरल के लोगों में 80% पाई गई। 2 प्रतिशत की अधिकता काफी मायने रखती है।

प्रतीकात्मक

रिसर्च से जुड़े डॉ. अभिनव राज का कहना है कि रिसर्च का एक और लक्ष्य था कि दांतों की मदद से एक्सीडेंट के बाद लोगों की पहचान करना। एक्सीडेंट या शरीर जलने का असर दांतों पर कम होता है। इनका बायोमार्कर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, दांतों से इंसान के बारे में काफी जानकारी मिलती है। जैसे शाकाहारी होने पर दांतों में जिंक और फास्फोरस जैसे मेटल की मात्रा काफी कम पाई जाती है, जबकि मांसाहारी होने पर इनकी मात्रा दांतों में ज्यादा रहती है। गुजरातियों में जिंक 0.14 फीसदी और फास्फोरस 17.3 प्रतिशत है, जबकि केरल के लोगों में यह आंकड़ा 0.23 फीसदी और 18.5 प्रतिशत है।