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IAS इंटरव्यू में फेल होने वालों को मिल सकेगी दूसरी सरकारी नौकरी

भारत में हर साल सिविल परीक्षाओं के लिए करीब 11 लाख युवा आवेदन फॉर्म भरते हैं। इसके लिए सभी कठिन परिश्रम और कई सालों तक पढाई भी करते हैं। लेकिन फिर भी इनमें से केवल 600 उम्मीदवारों को ही चुना जाता है। कई उम्मीदवार तो ऐसे भी होते हैं जो इंटरव्यू तक पहुंच जाते हैं, लेकिन अंतिम चयन में जगह नहीं बना पाते। ऐसे छात्रों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तरफ से अच्छी खबर आने वाली है। 

प्रतीकात्मक

 

भर्ती न होने पर कई छात्र होते हैं डिप्रेशन का शिकार

दरअसल भारत में आईएएस की परीक्षा को दुनियां की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा के लिए उम्मीदवार कई सालों तक मेहनत करते हैं। कुछ उम्मीदवार चयन से सिर्फ एक कदम दूर तक पहुंचकर बाहर हो जाते हैं। उम्मीदवार युवा सब कुछ छोड़कर कई सालों तक इसकी तैयारी में लगे रहते हैं, जिसकी वजह से सेलेक्ट ना होने पर कई तो डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। इसी के चलते यूपीएससी ने केंद्र सरकार और उसके मंत्रालयों को ऐसी परीक्षाओं में जगह बनाने में नाकाम होने वाले उम्मीदवारों को भी नौकरी देने की सिफारिश की है। 

केंद्र सरकार से की है मामले की सिफारिश - सक्सेना

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यूपीएससी के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने कहा कि 'हमने केंद्र सरकार और मंत्रालयों को ऐसे लोगों की भर्ती करने का प्रस्ताव दिया है, जो सिविल सेवा और अन्य परीक्षाओं में साक्षात्कार तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन अंतिम रूप में चयनित होने में विफल रहते हैं।' अरविन्द सक्सेना ने यह बातें ओडिशा में हुए राज्य सेवा आयोग के तेईसवें राष्ट्रीय सम्मलेन के मौके पर कहीं। 

प्रतीकात्मक

 

परीक्षा का तनाव हो सकेगा कम

इसके बाद सरकार इन कठिन परिश्रम के बावजूद भर्ती न होने वाले उम्मींदवारों को दूसरे मंत्रालयों में नौकरी देने पर सहमति दे सकती है। चेयरमैन अरविन्द सक्सेना ने यह भी कहा कि इससे युवाओं में परीक्षा का तनाव कम हो सकेगा। वहीँ यूपीएससी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक उम्मीदवार के अनुकूल बनाने के लिए उचित कदम भी उठा रहा है।