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2 मार्च को होगी 4 साल की मासूम से रेप करने वाले शिक्षक को फांसी

एमपी के सतना जिले की एक अदालत ने अध्यापक महेंद्र सिंह गोंड को बच्ची का अपहरण के बाद रेप करने पर फांसी की सजा सुनाई है। सतना की सत्र न्यायलय ने 19 सितम्बर 2018 को महेंद्र को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद यह फैसला अवलोकन के लिए हाईकोर्ट के पास भेजा गया। जहां हाईकोर्ट ने भी इस फैसले पर 25 जनवरी को मुहर लगा दी है। अब दोषी शिक्षक महेंद्र सिंह को 2 मार्च को फांसी दी जाएगी।

प्रतीकात्मक

 

दोषी के पास है सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प

हालांकि अभी दोषी शिक्षक के पास कानून के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का भी रास्ता है। यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी फैसले पर मुहर लगा दी जाती है, तो दोषी के पास फिर राष्ट्रपति से दया की अपील करने का विकल्प भी होगा। दरअसल यह कानून हर मृत्युदंड पाने वाले दोषी के लिए होता है। लेकिन अगर दोनों जगहों से दोषी की अपील खारिज हुई, तो 2 मार्च को उसे फांसी की सजा दी जाएगी। 

जंगल में ले जाकर किया था बच्ची से दुष्कर्म

दरअसल यह घटना 30 जून 2018 की है। रात में दोषी महेंद्र सिंह बच्ची को अगवा कर जंगल में ले गया। वहीँ उसने मासूम बच्ची के साथ यह दरिंदगी की। जब दोषी शिक्षक को लगा बच्ची मर चुकी है, तो वह बच्ची को छोड़कर वहां से भाग गया। परिवार वालों ने बच्ची की तलाश की तो, बच्ची जंगल में अधमरी हालत में मिली। इसके बाद राज्य सरकार के चार्टर्ड प्लेन से बच्ची को इलाज के लिए एम्स ले जाया गया। पुलिस ने भी मामले की तुरंत कार्यवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया था। 

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7 महीने के अंदर मिल सकता है बच्ची को न्याय

मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो 25 सितम्बर 2018 को शिक्षक को इस जघन्य अपराध का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई गई। उसके बाद एमपी की हाईकोर्ट में फैसले के अवलोकन पर समय लगा, लेकिन 25 जनवरी 2019 को हाईकोर्ट ने भी इस पर मुहर लगा दी। बता दें कि कानून के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप के मामले में अधिकतम मृत्युदंड का प्रावधान है। यदि दोषी महेंद्र सिंह गोंड को 2 मार्च को फांसी हो जाती है, तो यह रेप के नए कानून के तहत पहली मौत की सजा होगी। इसके साथ ही पीड़ित बच्ची को केवल 7 महीने के अंदर न्याय भी मिल जाएगा।

कोर्ट में बच्ची ने पहचाना था मुजरिम

मामला पुलिस के हाथ लगने पर डीएनए रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हो चुका था, कि यह दुष्कर्म शिक्षक ने ही किया है। लेकिन ट्रायल के दौरान कोर्ट में मासूम बच्ची ने भी आरोपी शिक्षक को पहचान कर अपना बयान दर्ज कराया था।