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दुष्कर्म पीड़िता को दिया गया घर, कमलनाथ सरकार ने वापस छीना

खबर मध्य प्रदेश से है। यहां पर हुए मंदसौर सामूहिक दुष्कर्म के मामले को आप भूले नहीं होंगे। इस घटना ने लोगों पर अपना व्यापक प्रभाव छोड़ा था। इस घटना की पीड़िता 8 वर्षीय लड़की को तत्कालीन बीजेपी की शिवराज सरकार ने एक घर बतौर मुआवजा दिया था। वर्तमान में मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार है और बीते मंगलवार को इंदौर विकास प्राधिकरण ने पीड़िता को वह घर खाली करने का निर्देश दे दिया है। यह आदेश इंदौर विकास प्राधिकरण ने इसलिए दिया है क्यों की पिछली बीजेपी सरकार ने इस घर को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया था। 

प्रतीकात्मक

 

आपको बता दें की उस समय के सीएम रहे शिवराज सिंह ने पीड़िता के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी। जिसमें एक घर तथा दूकान का आवंटन इंदौर में किया गया था। जिसके बाद में आईडीए ने पीड़िता को इंदौर में एक घर तथा मंदिर में एक दूकान दी गई थी। इसके अलावा पीड़ित बच्ची तथा उसके दो भाइयों को इंदौर के प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिला भी कराया था। वर्तमान में पीड़िता बच्ची क्लास 3 की छात्रा है। आईडीए के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एनएल महाजन का कहना है की "अभी तक इसको लेकर कोई औपचारिक आदेश नहीं है।

प्रतीकात्मक

 

हम लोगों को औपचारिक आदेश के बिना किसी को भी घर देने का अधिकार नहीं है। दिए गए घर में परिवार रह भी नहीं रहा है बल्कि घर को किराए पर दिया गया है ताकी कुछ पैसा मिल सके। मंदिर के पास में पीड़िता के परिवार ने घर को किराए पर लिया हुआ है। जहां पर पीड़िता के पिता दूकान करते हैं।"  दूसरी और बच्ची के पिता का कहना है कि ",कुछ लोगों ने मुझसे कहा है की अब आपको दूकान तथा घर को छोड़कर जाना पडेगा क्यों की इन चीजों के लिए कोई औपचारिक आदेश नहीं दिया गया था। मुझे यह भी डर है की मेरे बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जाएगा क्यों की मैं 4.5 लाख की फीस नहीं भर सकता हूँ।"