+

सात दिन से अनशन पर बैठे अन्ना से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री फड़नवीस

समाजसेवी अन्ना हजारे मोदी सरकार के खिलाफ 30 जनवरी से अपने गांव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ऐसे में अन्ना ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए पहले ही कह दिया है कि 'अगर मुझे कुछ हुआ, तो पीएम मोदी जिम्मेदार होंगे।' उनकी तबियत का जायजा लेने कई नेता उनसे मिलने रालेगण सिद्धि भी पहुंच रहे हैं। मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अन्ना से मिलने पहुंचे। सीएम फडणवीस के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे भी अन्ना से मिलने पहुंचे थे। 

प्रतीकात्मक

 

राज ठाकरे भी मिले थे अन्ना हजारे से

इससे पहले अन्ना से मिलने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे भी अन्ना से मिलने पहुंचे थे। अन्ना से मिलने के बाद उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला भी बोला था। राज ठाकरे ने बताया कि 'मैंने अन्ना से अनुरोध किया कि इन अयोग्य व पाखंडियों के लिए अपनी जान खतरे में न डालें। पिछली बार अन्ना के कारण ही मोदी सरकार सत्ता में आयी थी। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्ना को प्रधानमंत्री मोदी के किसी भी आश्वासन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। यही नहीं, राज ठाकरे ने अन्ना से अनशन समाप्त करने को भी कहा और भाजपा सरकार की नीतियों को दफन करने के लिए उनके साथ मिलकर राज्य का दौरा करने का अनुरोध भी किया। 

प्रतीकात्मक

 

20 मिनट तक बंद कमरे में मिले अन्ना से मनसे नेता  

बताया जा रहा है कि मनसे नेता और अन्ना ने अनशन स्थल पर एक कमरे में करीब 20 मिनट तक बैठक की थी। बैठक के बाद ठाकरे ने अन्ना के प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित सभा को सम्बोधित करते हुए मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने पीएम मोदी की सरकार पर देश को धोखा देने और अपना चुनावी घोषणापत्र पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया। 

प्रतीकात्मक

 

राज ठाकरे ने केजरीवाल पर भी लगाए आरोप

इसके अलावा राज ठाकरे ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अन्ना के आंदोलन के कारण ही पूरा देश जानता है। अब जबकि वो सत्ता में हैं लेकिन, उन्हें अन्ना के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है।