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माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन सरकार का एक और फैसला

9 हजार करोड़ रुपये लेकर विदेश भागने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की दिशा में एक और बाधा निपट गई है। दरअसल ब्रिटेन सरकार ने विजय माल्या को भारत को सौंपने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही माल्या को इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए 14 दिन का समय भी दिया गया है। वहीँ ब्रिटेन सरकार के इस फैसले के बाद मोदी सरकार के खेमे में बहुत ख़ुशी दिखाई दे रही है। सरकार द्वारा कयास लगाए जा रहे हैं कि माल्या को जल्द ही भारत लाया जाएगा। इससे पहले अगस्ता वैस्टलैंड के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से भारत लाया गया था। इसके बाद अब यह खबर मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

प्रतीकात्मक

 

प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन गृह मंत्री ने किये हस्ताक्षर 

ब्रिटेन के गृह विभाग के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि गृह मंत्री साजिद जावीद ने पूरे मामले पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद 3 फरवरी को विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर किए। साथ ही प्रवक्ता ने कहा कि विजय माल्या भारत में बैंकों से धोखाधड़ी करने की साजिश, झूठे अभ्यावेदन देने और मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के आरोपी हैं। बता दें कि जावीद जावीद पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश सरकार में गृह मंत्री हैं।

लंदन की हाईकोर्ट में केस हार गया था माल्या

इससे पहले माल्या ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की थी। लेकिन दिसंबर में माल्या यह कानूनी चुनौती हार गया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट का यह फैसला ब्रिटेन के गृह मंत्रालय को भेजा गया। बता दें कि सिर्फ गृह मंत्री को ही माल्या के प्रत्यर्पण का फैसला करने का अधिकार है। हालांकि गृह मंत्रालय द्वारा फैसला सुनाने के बाद माल्या को उसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए 14 दिन का समय भी दिया गया है। 

प्रतीकात्मक

 

लोन से ज्यादा तो संपत्ति जब्त हो गई - माल्या

बता दें कि विजय माल्या को पिछले दिनों ही पीएमएलए कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। वहीँ नए एफईओ कानून के तहत भी उसे देश का पहला आर्थिक भगोड़ा करार दिया गया। अभी कुछ दिनों पहले ही माल्या की भारत में संपत्ति को भारत सरकार द्वारा जब्त किया गया। जिसके बाद माल्या का एक ट्वीट भी सामने आया था, जिसमें उसके सुर बदले बदले से नजर आए थे। ट्वीट में माल्या ने लिखा था, 'हर सुबह जब उठता हूं तो पता चलता है कि लोन वसूली अधिकारी ने एक और संपत्ति जब्त कर ली है। जब्त संपत्तियों की कीमत 13,000 करोड़ रुपया पार कर चुकी है जबकि कुल ब्याज समेत बैंकों का दावा 9000 करोड़ रुपये का है। यह सिलसिला आखिर कहां तक जाएगा।'