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नाइट शिफ्ट करने वाले लोग देते हैं बहुत सी बीमारियों को दावत

आजकल भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में नौकरी पेशे वाले लोगों के लिए नाइट शिफ्ट एक नार्मल बात हो गयी है। अधिकतर कंपनियों में डे के साथ-साथ नाइट शिफ्ट भी चलती हैं और जॉब करने वालों को इस बात से कोई परेशान भी नहीं होती। लेकिन अधिकतर लोग ये नहीं जानते होंगे कि वो नाइट शिफ्ट करके कई तरह की जानलेवा बीमारियों को दावत दे रहे हैं। एक शोध में सामने आया है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को अनेक गंभीर बीमारी हो सकती हैं। 

प्रतीकात्मक

 

नाइट शिफ्ट करने से होंगी ये गंभीर बीमारियां

शोध में पता चला है कि रात में काम करने वालों के शरीर में डीएनए मरम्मत करने वाला जीन धीमी गति से कार्य करता है। वहीँ नींद की कमी के साथ-साथ यह स्थिति अधिक बिगड़ती जाती है। शोध के मुताबिक रात में काम करने वाले लोगों में डीएनए क्षय, रात में काम न करने वालों के मुबाकले 30 फीसदी ज्यादा होता है। इसकी वजह से नाइट शिफ्ट वालों को कैंसर, ह्रदय रोग, सांस संबंधी बीमारी और तंत्रिका तंत्र सम्बन्धी बीमारी जैसी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। 

अंग्रेजी अखबार एनेस्थेशिया अकैडमिक जर्नल में प्रकाशित हुए शोध के मुताबिक डीएनए पर खतरा होने का सीधा मतलब डीएनए की मूलभूत संरचना में बदलाव है। और डीएनए जब दोबारा बनता है तो उसमें मरम्मत नहीं हो पाती, जिससे डीएनए क्षतिग्रस्त हो जाता है। जो अनेक गंभीर बीमारियों के पनपने का कारण बनता है। 

प्रतीकात्मक

 

डॉक्टरों पर ही किया गया था शोध

यह शोध 28 से 33 साल के स्वस्थ डॉक्टरों के ऊपर किया गया। इनमें से पहले उन डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जिन्होंने तीन दिन तक पर्याप्त नींद ली थी। इसके बाद उन डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जो कम सोये थे। यानी जिन्होंने नाइट शिफ्ट की थी। 

इसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद की कमी डीएनए क्षय से जुड़ी हुई है। इसलिए नाइट शिफ्ट में अधिक समय तक काम करने से शरीर को कई तरह की गंभीर बीमारी हो सकती हैं।