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यूपी विधानसभा में हंगामा - सपा सदस्यों ने फेंके जूतें और चप्पल

यूपी विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। यह शुरुआत बड़े हंगामे से शुरू हुई। शुरुआत में जब राजयपाल राम नाईक ने अपना अभिभाषण शुरू किया तो विपक्ष के लोगों ने कागज़ के गोले बनाकर फेंकने शुरू कर दिए तथा नारेवाजी भी की। इसके बाद में विपक्षी लोग जूतें बहन कर टेबल पर चढ़ गए और चीखने चिल्लाने लगें। इन लोगों ने "राज्यपाल वापस जाओ" के नारे लगाएं तथा नाईक की और कागज़ फेंके। विपक्ष के लोगों के हंगामे के बाद भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ना जारी रखा तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। 

प्रतीकात्मक

 

बीते सोमवार के दिन विपक्षी सदस्यों ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई वहीं दूसरी और बीजेपी की बैठक में भी विपक्षी लोगों को जवाब देने के लिए योजनाएं तैयार की गई थीं। विधान सभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित तथा सीएम योगी ने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी लोगों से सदन के सञ्चालन में सहयोग करने की अपील की। दूसरी और विपक्षी दलों का कहना है की वे जनता के मुद्दों को जरूर उठाएंगे। लोकसभा चुनाव होने से पहले ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने तीखे तेवर दिखा डाले हैं। इस प्रकार की संभावना पहले ही जताई जा चुकी थी यदि राज्यपाल विधानमंडल तथा विधानसभा सत्र में आते हैं तो हंगामा हो सकता है।

प्रतीकात्मक

 

सीएम योगी ने विपक्षी लोगों के इस आचरण के बाद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, उन्होंने कहा है कि "लोकतंत्र को कमजोर करने वाले इस आचरण से अनुमान लगाया जा सकता है की विपक्षी लोग आखिर किस प्रकार की व्यवस्था चाहते हैं। बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा है की "राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा, बसपा तथा कांग्रेस ने जिस प्रकार का आचरण किया है। वह निंदनीय है। इस प्रकार के आचरण से संसदीय लोकतंत्र की गरिमा भंग होती है।"