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मेरे बच्चे भीख मांग लेंगे लेकिन राजनीति में नहीं आएंगे - सोनियां गांधी

आगामी लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ गयी है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए कई चीर प्रतिद्वंदी राजनीतिक पार्टियों ने आपस में हाथ मिला लिया है। सभी पार्टियां चुनाव से पहले अपना अपना हुकुम का इक्का बाहर निकाल देना चाहते हैं। 

प्रतीकात्मक

 

इसी बीच देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने भी चुनाव में पकड़ बनाने के लिए गांधी परिवार से प्रियंका वाड्रा गांधी को मैदान में उतार दिया है। प्रियंका के राजनीति में इस औपचारिक प्रवेश से कांग्रेस में खुशी की लहार उठ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राहुल ने उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान भी सौंप दी है। माना जा रहा है कि प्रियंका 4 फरवरी से लखनऊ में अपना पदभार संभालेंगी।

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मेरे बच्चे कभी नहीं आएंगे राजनीति में - सोनियां गांधी

भले ही राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी दोनों भाई-बहन आज कांग्रेस के उच्चतर पद संभाल रहे हैं। लेकिन कभी ऐसा भी समय था, जब सोनिया गांधी इस बात के सख्त खिलाफ थीं कि उनके बच्चे राजनीति में आएं। पत्रकार तवलीन सिंह ने अपनी किताब 'दरबार' में इस बात का जिक्र भी किया है। 

किस्सा इमरजेंसी के बाद के दौर है। जनता पार्टी की 'आंधी' में कांग्रेस पूरी तरह बिखर चुकी थी। उसी दौरान एक रोज राजीव गांधी, उनकी पत्नी सोनिया गांधी और वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह गाड़ी में बैठी थी। बातें शुरू हुईं तो अनेक पड़ावों से गुजरती हुई राजनीति की दहलीज पर आ टिकीं। तवलीन सिंह ने बातों-बातों में सोनिया गांधी से पूछा कि ‘क्या वह चाहती हैं कि उनके बच्चे कभी राजनीति में जाएं?’ सोनिया गांधी कुछ सेकेंड तक चुप रहीं और फिर पीछे मुड़कर कहा कि 'मेरे बच्चे सड़कों पर भीख मांग लेंगे, लेकिन राजनीति में कभी नहीं आएंगे।' सोनिया के यह कहने के बाद गाड़ी में फिर चुप्पी छा गई। तवलीन सिंह अपनी किताब 'दरबार' में इस घटना को याद करते हुए लिखती हैं कि, 'सोनिया के चेहरे पर ऐसा कुछ था जिसने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि जितनी मजबूत वह खुद को दिखाती हैं, उतनी हैं नहीं।'

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लेकिन न जाने ऐसी क्या परिस्थितियां गांधी परिवार के सामने आ बैठी, कि सोनियां गांधी को अपने दोनों बच्चे राजनीति के मैदान में उतारने पड़े। लेकिन प्रियंका के आने से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भरपूर उत्साह देखने को मिल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके द्वारा लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर भी कदम रखा जाएगा। इसी बीच प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लड़ने की बात भी कही जा रही है। बता दें कि वर्तमान में पीएम मोदी वाराणसी के सांसद हैं।