+

रावण मीनार - भारत की दूसरी सबसे बड़ी मीनार, भाई बहन नहीं कर पाते हैं प्रवेश

हमारे देश में कला तथा संस्कृति सभी से पहले विकसित हुई थी। यही कारण है की हमारे यहां हजारों वर्ष पहले की बनी कलात्मक कृतियां आज भी देखने को मिलती हैं। यहां बहुत सी इमारतें ऐसी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको भारत की एक ऐसी ही ईमारत के बारे में बता रहें हैं।

प्रतीकात्मक

 

आज हम आपको रावण मीनार के बारे में जानकारी दे रहें हैं। यह मीनार लंकापति रावण को समर्पित है। आपको जानकर हैरानी होगी की इस मीनार को जिस शख्स ने निर्मित कराया था वह रामलीला में लंकापति रावण का किरदार निभाता था। इस शख्स को रावण के किरदार से इतना प्रेम था की उसने रावण को समर्पित एक मीनार का निर्माण करा डाला। 

प्रतीकात्मक

 

आपको बता दें की यह रावण मीनार उत्तर प्रदेश के जालौन में स्थित है। इस मीनार की ऊंचाई 210 फिट है जबकी क़ुतुब मीनार की ऊंचाई 237 फिट है। मथुरा प्रसाद नामक व्यक्ति ने इस मीनार का निर्माण 1875 में कराया था। उस समय इस मीनार का निर्माण कराने में एक लाख 75 हजार की धनराशि लगी थी। कहा जाता है की मथुरा प्रसाद रामलीला में रावण का किरदार निभाते थे। उनको रावण से इस कदर लगाव था की उन्होंने रावण को समर्पित इस मीनार का निर्माण करा दिया था। 

प्रतीकात्मक

 

रावण मीनार को बनाने में करीब 20 वर्ष का लंबा समय लगा था। इस मीनार के अंदर रावण के पूरे परिवार को चित्रित किया गया है। मीनार के सामने भगवान शिव की प्रतिमा को भी लगाया गया है। यह प्रतिमा कुछ इस ढंग से स्थापित की गई है की रावण को भगवान शिव का दर्शन 24 घंटे होता रहे। क़ुतुब मीनार के बाद यह भारत की सबसे ऊंची मीनार है। इस मीनार की ख़ास बात यह भी है की इसमें भाई बहन का जाना बर्जित है लेकिन शादीशुदा लोग इस मीनार में प्रवेश कर सकते हैं।