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प्रधामंत्री मोदी ने शेयर किये हिमालय पर बिताएं समय के अनुभव

आप सभी जानते ही होंगे की हमारे पीएम मोदी के जीवन का एक भाग सन्यासी का भी है। वे अपने सन्यासी जीवन में हिमालय पर लंबे समय तक रहें हैं। हालही में पीएम मोदी ने अपने सन्यासी जीवन के हिमालय प्रवास के अनुभवों को "Humans of Bombay" नामक एक फेसबुक पेज पर शेयर किया है। उन्होंने वहां बताया की हिमालय पर वे किस प्रकार रहते थे और वे हिमालय से समाज के बीच आखिर क्यों आ गए। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया वे आरएसएस से किस प्रकार जुड़े। आइये अब आपको विस्तार से बताते हैं की पीएम मोदी ने आखिर अपने क्या क्या अनुभव शेयर किये।

प्रतीकात्मक

 

हिमालय पर मिली असीम शांति

Humans of Bombay" नामक फेसबुक पेज पर अपने विचार शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया की "अपने सन्यासी जीवन के 2 साल हिमालय पर बिताएं हैं। उन दिनों में जो शांति मुझे मिली थी उसे मैं आज भी उसको खोना नहीं चाहता हूं इसलिए मैं आज भी वर्ष में पांच दिन एकांतवास में चला जाता हूं। मेरे करीब के लोग जानते हैं की दीपावली के मौके पर मैं पांच दिन तक एकांत स्थान में चला जाता हूं। यह एक ऐसा स्थान होता है जहां कोई इंसान न हो। यह कोई जंगल या कोई अन्य स्थान हो सकता है। यह पांच दिन का एकांत मुझे आतंरिक मजबूती तथा शांति देता है। इन पांच दिन में मैं किसी से नहीं मिलता हूं। मैं इन दिनों में न्यूज़ पेपर, इंटरनेट, मोबाइल आदि चीजों से भी दूर रहता हूं। कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं कहां जा रहा हूं तो मैं जवाब देता हूं "मैं मुझसे मिलने जा रहा हूं।" 

प्रतीकात्मक

 

कैंटीन से RSS तक का सफर

पीएम मोदी ने यह भी बताया की आरएसएस में उनका प्रवेश किस प्रकार हुआ। उन्होंने बताया कि "हिमालय में 2 वर्ष बिताने के बाद में मुझे आतंरिक अनुभूति हुई की मेरा जीवन समाज सेवा के लिए है। अतः मैं हिमालय से समाज में आ पंहुचा। यहां आकर मैं अपने अंकल की कैंटीन में काम करने लगा। मैं उनके कार्य में सहायक की तरह कार्य करता था। वहीं से आरएसएस से मेरा परिचय बना तथा मैं शाखा जानें लगा। धीरे धीरे यह संबंध मजबूत होता गया तथा एक दिन मैं आरएसएस का फुल टाइम कार्यकर्ता बन गया। वहां पर देश के अलग अलग हिस्सों से आये लोगों के साथ कार्य किया। आरएसएस ऑफिस में मैंने छोटे से छोटे कार्य भी किये। अपने साथी लोगों के लिए कभी कभी खाना बनाने का कार्य भी किया। ऑफिस की सफाई का कार्य भी किया। इस प्रकार से मैं आरएसएस से बहुत मजबूती से जुड़ता चला गया।" पीएम मोदी ने युवाओं से अपील भी की है की सभी लोग अपने लिए कुछ एकांत का समय अवश्य निकालें। इस समय में ही हमें अपनी मजबूती का पता लगता है तथा दूसरे लोगों के प्रति आपका नजरिया भी बदलता है।