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मोदी सरकार किसानों को दे सकती है 12 हजार रुपए प्रति एकड़

2018 में हुए विधान सभा चुनाव के बाद तेलंगाना में केसीआर की सरकार ने किसानों के लिए एक पैकेज तैयार किया। इस पैकेज के अनुसार किसानों को सालाना आठ हजार रूपए प्रति एकड़ देने का ऐलान हुआ। लेकिन अब इसके बाद किसानों के लिए केंद्र सरकार ने तेलंगाना सरकार से बेहतर पैकेज देने की तयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने किसानों को सालाना 12 हजार रुपए प्रति एकड़ देने का प्रावधान किया है। सरकार ने इस प्रस्ताव को सवा लाख करोड़ रुपए के साथ अंतिम रूप भी दे दिया है। इसकी घोषणा आम बजट के साथ या उससे पहले भी हो सकती है। 

प्रतीकात्मक

 

जानकारी के अनुसार नीति आयोग ने वित्त और कृषि विकास मंत्रालय की सिफारिश पर इस योजना को तैयार किया है। योजना के अंतर्गत सीजन में प्रति एकड़ छः हजार रूपए दिए जाएंगे। वहीँ देश में 14 करोड़ किसानों के पास करीब 13 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कृषि संबंधी आय में साल 2011.12 से 2015-16 के दौरान सालाना 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

प्रतीकात्मक

 

साल 2016 में केंद्र सरकार ने किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने का एलान किया था। वहीँ आंकड़ों की मानें तो किसान अभी न्यूनतम सात से दस हजार रूपए प्रतिवर्ष ही कमा रहे हैं। लेकिन सरकार की इस योजना के लागू होते ही किसानों की आय में कम से कम दस फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। जबकि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उनकी आय में हर साल 12 फीसदी वृद्धि होना जरूरी है। 

प्रतीकात्मक

 

तेलंगाना सरकार द्वारा सिर्फ उन्हीं किसानों को पैसे दिए जा रहे हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि है। जबकि देश में 90 प्रतिशत छोटे तथा मध्यम वर्गीय किसान हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर तक की भूमि है। साथ ही इन किसानों के पास 45 फीसदी सिंचित और 55 फीसदी गैर सिंचित भूमि है। इसी के चलते केंद्र सरकार ने अपने इस प्रस्ताव में ऐसे किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। ऐसे में छोटे तथा मध्यम वर्गीय किसान भी इस सहायता के मिलने से उन्नत खेती के लिए प्रेरित हो सकेंगे।