+

PM मोदी के विदेश दौरों पर खर्च और प्राप्त विदेशी निवेश

प्रतीकात्मक

अक्सर देखा जाता है, कि प्रधानमन्त्री मोदी अपने विरोधियों में उतना सबको चकित कर देने वाली 'नोटबंदी' या फिर 'जीएसटी' के लिए ख़बरों में नहीं रहते, जितना की अपनी विदेश यात्राओं के लिए। विपक्ष द्वारा हमेशा उनकी विदेश यात्राओं को लेकर अलग-अलग बयान आते रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी के अपने अब तक के कार्यकाल में की गई विदेश यात्राओं के खर्चे का ब्यौरा भी सामने आ गया है। सरकार द्वारा संसद में दी गई सूचना के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2014 से विदेश यात्राओं के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर कुल 2,021 करोड़ रुपये खर्च हुए। 

प्रतीकात्मक

‘वीके सिंह’ ने जारी किए आंकड़े

विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने साल 2014 और 2018 के बीच प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए विदेशी दौरों की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने उन टॉप 10 देशों की भी जानकारी दी, जहां से भारत को अधिकतम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश या एफडीआई आदम प्राप्त हुआ। वी के सिंह ने कहा कि 2014 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश 30,930.5 मिलियन अमरीकी डॉलर था, जो 2017 में बढ़कर 43478.27 मिलियन अमरीकी डॉलर हुआ।

केंद्रीय मंत्री द्वारा उपलब्ध कराये गए आंकड़ों के अनुसार 2009-10 और 2013-14 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर 1,346 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक, 15 जून 2014 और 3 दिसंबर 2018 के बीच प्रधानमंत्री मोदी के विमान के रखरखाव पर कुल 1,583.18 करोड़ रुपये और चार्टर्ड विमानों पर 429.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं, हॉटलाइन सुविधाओं पर 9.11 करोड़ रु खर्च हुए। 

प्रतीकात्मक

55 देशों का दौरा कर चुके हैं ‘पीएम मोदी’

इन आंकड़ों में इस बात का विवरण भी था, कि 2014-15 में विदेशी दौरों के लिए चार्टर्ड विमानों पर लागत रु 93.76 करोड़ थी, जबकि 2015-16 में यह लागत 117.89 करोड़ रु हो गई थी। वहीं 2016-17 में लागत 76.27 करोड़ और 2017-18 में 99.32 करोड़ रुपये हो गई थी। दरअसल, मई 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से पीएम मोदी ने 48 विदेश यात्राओं में 55 से अधिक देशों का दौरा किया। उन्होंने कुछ देशों में 1 से अधिक बार भी दौरे किए।